टोकन ख़ुद

stETH और wstETH में फ़र्क़: हिसाब अलग, Lido निकासी दोनों की

दो-हिस्सों वाला कवर: बाईं ओर शीर्षक «संख्या बढ़ती है या दर», दाईं गहरी पट्टी पर «stETH = संख्या» और «wstETH = दर»
निकासी के वक़्त Lido दोनों टोकन सीधे स्वीकार करती है।

एक ही स्टेकिंग पोज़ीशन, पर Lido उसे दो रूपों में देता है। एक stETH — जिसकी संख्या रोज़ अपने आप बढ़ती है। दूसरा wstETH — जिसकी संख्या कभी नहीं बदलती, पर हर टोकन धीरे-धीरे ज़्यादा क़ीमती होता जाता है।

फ़र्क़ का असर आप पर तब पड़ता है जब कोई प्रोटोकॉल इन दोनों हिसाबों को पढ़ता है। Lido का अपना निकासी पेज stETH और wstETH दोनों को सीधे स्वीकार करता है।

stETH इनाम "संख्या बढ़ाकर" देता है, wstETH "दर बढ़ाकर"। दोनों को कभी भी आपस में बदला जा सकता है, नीचे दोनों एक ही स्टेकिंग पोज़ीशन हैं। Lido निकासी में wstETH सीधे भेजा जा सकता है; Lido का स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट उसी अनुरोध में उसे अपने-आप stETH में बदलता है।

संख्या बदलती है बनाम दर बदलती है

stETH जिस तरीक़े से काम करता है उसे रीबेस कहते हैं। आप कुछ नहीं करते और वॉलेट में संख्या रोज़ थोड़ी बढ़ जाती है, क्योंकि प्रोटोकॉल उस दिन का इनाम सीधे संख्या में जोड़ देता है। फ़ायदा यह कि समझना आसान है — 1 stETH मोटे तौर पर 1 ETH के बराबर रहता है।

wstETH इसी चीज़ को लपेट देता है। आपकी संख्या शुरू से आख़िर तक वही रहती है; बदलती है यह दर कि 1 wstETH से कितना stETH मिलेगा। Lido के डेवलपर दस्तावेज़ में दिया उदाहरण यही दिखाता है: 1 stETH लपेटने पर लगभग 0.98 wstETH मिलता है, और कुछ समय बाद खोलने पर 1 से ज़्यादा stETH वापस मिलता है। संख्या हिली नहीं, क़ीमत बढ़ गई।

stETHwstETH
इनाम कैसे मिलता हैवॉलेट में संख्या बढ़ती हैदर बढ़ती है, संख्या वही
1 टोकन लगभग1 ETH1 ETH से ज़्यादा, और बढ़ता हुआ
DeFi में इस्तेमालकुछ प्रोटोकॉल बदलते बैलेंस को संभाल नहीं पातेहर जगह चलता है; दूसरी लेयर और ब्रिज इसी को लेते हैं
Lido निकासी में सीधे भेज सकते हैंहाँहाँ, अनुरोध में अपने-आप stETH बनता है
भाव किससे तुलना करें1 सेउस वक़्त की दर से

लपेटी हुई किस्म बनी ही क्यों

क्योंकि बहुत सारे कॉन्ट्रैक्ट ऐसे बैलेंस को नहीं संभाल पाते जो अपने आप बदल जाए।

आम टोकन का बैलेंस सिर्फ़ लेन-देन के समय बदलता है, और हर बदलाव पर एक सूचना निकलती है जिससे बाहर वालों को पता चल जाता है। stETH का बैलेंस बिना किसी लेन-देन के बढ़ जाता है, और Lido के दस्तावेज़ के मुताबिक़ रीबेस के समय वह मानक ट्रांसफ़र सूचना नहीं भेजता। जो कॉन्ट्रैक्ट आपका बैलेंस अपने बहीखाते में लिखकर रखते हैं, उनका हिसाब इससे बिगड़ जाता है।

इसीलिए ब्रिज, दूसरी लेयर के नेटवर्क और कई उधारी प्रोटोकॉल wstETH ही स्वीकार करते हैं। आप दूसरी लेयर से वापस लाएँ या गिरवी छुड़ाएँ — जो मिलेगा वह अक्सर wstETH ही होगा, इसलिए नहीं कि किसी ने उसे चुना, बल्कि इसलिए कि उस रास्ते पर वही चलता है।

निकासी अनुरोध में wstETH अपने-आप कैसे बदलता है

Lido का निकासी कॉन्ट्रैक्ट wstETH सीधे लेता है। इंटरफ़ेस में wstETH चुनकर अनुरोध भेजने पर कॉन्ट्रैक्ट उसी अनुरोध में उसे stETH में बदल देता है और फिर सामान्य निकासी प्रक्रिया चलती है।

पहली बार टोकन की अनुमति और निकासी अनुरोध अलग हस्ताक्षर माँग सकते हैं, या Permit वाला इंटरफ़ेस इन्हें साथ संभाल सकता है। यह मौजूदा अनुमति और इंटरफ़ेस पर निर्भर है; wstETH होने से अलग अनरैप लेन-देन अनिवार्य नहीं होता।

अगर आपका इरादा कतार का नहीं बल्कि बाज़ार में बेचने का है, तो उल्टा भी हो सकता है: अलग-अलग जगह दोनों टोकनों की गहराई अलग होती है, इसलिए कभी सीधे wstETH बेचना खोलकर बेचने से सस्ता पड़ता है।

यह क्रम याद करके मत रखिए। कौन सा रास्ता सस्ता है यह उस वक़्त की गहराई और फ़ीस पर निर्भर है, और अंतर कभी बहुत कम तो कभी काफ़ी होता है। हर बार दोनों जगह रक़म डालकर "हाथ में कितना आएगा" देख लीजिए — इसमें आधा मिनट लगता है।

भाव देखते समय एक ग़लती

wstETH के भाव की तुलना 1 से करना।

wstETH स्वभाव से ही 1 से ऊपर रहता है और लगातार ऊपर जाता है। आप देखते हैं कि वह 1.21 ETH में बिक रहा है — यह डिस्काउंट है या प्रीमियम? यह इस पर निर्भर है कि उस वक़्त की दर 1.22 है या 1.20। अकेले 1.21 से कुछ तय नहीं होता।

सही तरीक़ा यह है कि बाज़ार भाव को उस वक़्त की दर से भाग दीजिए और देखिए कि नतीजा 1 से कितना दूर है। दर प्रोटोकॉल के आधिकारिक पेज पर मिलती है, और ब्लॉक एक्सप्लोरर से सीधे कॉन्ट्रैक्ट पढ़कर भी निकाली जा सकती है।

यह पैसा आगे कुछ और करेगा या नहीं

अगर पोज़ीशन बस पड़ी रहनी है तो stETH ही रखिए। संख्या बढ़ते देखकर एक नज़र में पता चल जाता है कि चीज़ चल रही है, और दर देखने कहीं जाना नहीं पड़ता। मन का साफ़ होना भी एक क़ीमत है।

अगर उसी पैसे से कुछ और करना है, जैसे गिरवी रखना, दूसरी लेयर पर भेजना या किसी प्रोटोकॉल में डालना, तो wstETH में बदल लीजिए, क्योंकि ज़्यादातर जगह वही चलता है। बदलते वक़्त उस दिन की दर कहीं लिख लीजिए, ताकि बाद में डिस्काउंट या प्रीमियम आँकने के लिए आपके पास एक संदर्भ रहे।

एक छोटी चेतावनी: दोनों के बीच अदला-बदली पर चेन की फ़ीस लगती है, इसलिए बार-बार आगे-पीछे करना घाटे का सौदा है। पहले तय कर लीजिए कि यह पैसा आगे क्या करेगा, फिर एक बार में उसी रूप में ले आइए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या stETH और wstETH नीचे एक ही चीज़ हैं?

हाँ। दोनों एक ही स्टेकिंग पोज़ीशन को दिखाते हैं, बस इनाम देने का तरीक़ा अलग है — stETH संख्या बढ़ाता है, wstETH दर। दोनों को कभी भी आपस में बदला जा सकता है, बदलते समय चेन की फ़ीस लगती है।

क्या wstETH सीधे निकासी में भेजा जा सकता है?

हाँ। Lido का निकासी कॉन्ट्रैक्ट wstETH सीधे स्वीकार करके उसी अनुरोध में उसे stETH में बदल देता है। पहली बार अलग टोकन अनुमति लग सकती है; यह मौजूदा अनुमति और इंटरफ़ेस में Permit के इस्तेमाल पर निर्भर है।

दूसरी लेयर और उधारी प्रोटोकॉल ज़्यादातर wstETH ही क्यों लेते हैं?

क्योंकि stETH का बैलेंस बिना किसी लेन-देन के अपने आप बदल जाता है और Lido के दस्तावेज़ के मुताबिक़ रीबेस पर मानक ट्रांसफ़र सूचना नहीं निकलती। जो कॉन्ट्रैक्ट बैलेंस अपने बहीखाते में रखते हैं उनका हिसाब बिगड़ जाता है। wstETH की संख्या स्थिर रहती है, इसलिए उसे आम टोकन की तरह संभाला जा सकता है।

बेचना हो तो stETH बेचें या wstETH?

उस वक़्त की गहराई और फ़ीस देखकर तय कीजिए। कभी सीधे wstETH बेचना खोलकर बेचने से सस्ता पड़ता है, कभी अंतर बहुत कम होता है। दोनों जगह रक़म डालकर हाथ में आने वाली मात्रा देख लीजिए।